कबीरधाम (छत्तीसगढ़) – जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कबीरधाम पुलिस ने एक बड़ी और महत्वपूर्ण कार्रवाई को अंजाम दिया है। पुलिस ने लगभग 5 करोड़ रुपये कीमत का गांजा जब्त करते हुए अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क पर करारा प्रहार किया है। इस कार्रवाई में एक कंटेनर वाहन को भी जब्त किया गया है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 50 लाख रुपये बताई जा रही है।
यह कार्रवाई चिल्फी थाना क्षेत्र में की गई, जहां पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि एक कंटेनर वाहन के माध्यम से भारी मात्रा में मादक पदार्थ की तस्करी की जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम सक्रिय हुई और रणनीति बनाकर संदिग्ध वाहन की घेराबंदी की गई।
गुप्त चैंबर बनाकर की जा रही थी तस्करी
पुलिस जांच में सामने आया कि तस्करों ने बेहद शातिर तरीके से कंटेनर के अंदर गुप्त चैंबर (छिपा हुआ कक्ष) तैयार कर रखा था। बाहर से देखने पर वाहन सामान्य मालवाहक कंटेनर जैसा प्रतीत हो रहा था, लेकिन अंदर विशेष रूप से तैयार किए गए हिस्से में गांजा छिपाकर रखा गया था।
जब पुलिस ने कंटेनर की तलाशी ली, तो उसमें से 30 बोरियां बरामद हुईं। प्रत्येक बोरी में लगभग 30 किलो गांजा भरा हुआ था। इस प्रकार कुल मिलाकर लगभग 9 क्विंटल (करीब 900 किलो) मादक पदार्थ जब्त किया गया।
बरामदगी का पूरा विवरण
कुल बरामद गांजा: लगभग 9 क्विंटल (900 किलो)
पैकिंग: 30 बोरियां, प्रत्येक में 30 किलो
अनुमानित बाजार मूल्य: करीब 5 करोड़ रुपये
जब्त वाहन: नागालैंड पासिंग कंटेनर
वाहन की अनुमानित कीमत: लगभग 50 लाख रुपये
गिरफ्तार आरोपी: आयाज खान, निवासी भरतपुर, राजस्थान
तस्करी मार्ग: ओडिशा से राजस्थान
आरोपी की गिरफ्तारी
मौके से पुलिस ने कंटेनर चालक आयाज खान, निवासी भरतपुर (राजस्थान) को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक पूछताछ में यह जानकारी सामने आई है कि आरोपी मादक पदार्थ को ओडिशा से राजस्थान ले जा रहा था। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस तस्करी में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा इस नेटवर्क की जड़ें किन राज्यों तक फैली हुई हैं।
अंतरराज्यीय नेटवर्क की आशंका
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इतनी बड़ी मात्रा में गांजा की तस्करी किसी एक व्यक्ति के बस की बात नहीं है। इसके पीछे एक संगठित और सक्रिय अंतरराज्यीय गिरोह होने की संभावना है। ओडिशा से राजस्थान तक मादक पदार्थ की ढुलाई यह संकेत देती है कि तस्कर कई राज्यों को अपने नेटवर्क में शामिल कर चुके हैं।
पुलिस अब इस मामले में कॉल डिटेल, वाहन के रूट, वित्तीय लेनदेन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच कर रही है। संभावना जताई जा रही है कि इस कार्रवाई से आगे और भी खुलासे हो सकते हैं।
जिले में नशे के खिलाफ बड़ी सफलता
कबीरधाम जिले में हाल के समय में मादक पदार्थों के खिलाफ पुलिस लगातार अभियान चला रही है। इस कार्रवाई को अब तक की सबसे बड़ी बरामदगियों में से एक माना जा रहा है। लगभग 5 करोड़ रुपये कीमत का गांजा जब्त होना इस बात का संकेत है कि पुलिस नशा तस्करों पर सख्ती से शिकंजा कस रही है।
पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि जिले को नशा मुक्त बनाने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे और किसी भी तस्कर को बख्शा नहीं जाएगा।
युवाओं पर पड़ता है नशे का दुष्प्रभाव
मादक पदार्थों की तस्करी केवल कानून व्यवस्था की समस्या नहीं है, बल्कि यह समाज और विशेष रूप से युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। नशे की लत युवाओं को अपराध, स्वास्थ्य समस्याओं और सामाजिक पतन की ओर धकेल सकती है।
ऐसे में पुलिस की यह कार्रवाई केवल कानूनी सफलता ही नहीं, बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। समाज के विभिन्न वर्गों ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है।
आगे की कार्रवाई
पुलिस द्वारा आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि गांजा किस स्थान से लोड किया गया, किन-किन बिचौलियों की भूमिका रही और राजस्थान में इसे किसे सप्लाई किया जाना था।
इसके अलावा, वाहन के मालिक और इस तस्करी से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश भी शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
निष्कर्ष
कबीरधाम पुलिस की यह कार्रवाई मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ एक बड़ी और निर्णायक सफलता के रूप में देखी जा रही है। करीब 5 करोड़ रुपये कीमत का गांजा जब्त कर पुलिस ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि नशे के कारोबार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जिले में शांति, सुरक्षा और स्वस्थ समाज की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उन्हें कहीं भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
