आईजी राजनांदगांव रेंज ने की कबीरधाम पुलिसिंग की गहन समीक्षा, अनुशासन और जनता से जुड़ाव को बताया पुलिसिंग की रीढ़
◆ पुलिस महानिरीक्षक श्री बालाजी राव सोमावार का कबीरधाम जिले का एक दिवसीय दौरा
◆ जिला पुलिस कार्यालय में कानून-व्यवस्था एवं अपराध नियंत्रण को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक
◆ जनता केंद्रित, संवेदनशील और पेशेवर पुलिसिंग को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश
◆ वर्दी, आचरण और अनुशासन में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर शून्य सहनशीलता
कबीरधाम।
राजनांदगांव रेंज के नवपदस्थ पुलिस महानिरीक्षक श्री बालाजी राव सोमावार द्वारा आज दिनांक 10 फरवरी 2026 को कबीरधाम जिले का एक दिवसीय दौरा किया गया। इस दौरान उन्होंने जिला पुलिस कार्यालय पहुंचकर कबीरधाम पुलिस की कार्यप्रणाली, कानून-व्यवस्था की स्थिति, अपराध नियंत्रण, विवेचना की गुणवत्ता तथा पुलिसिंग के समग्र स्वरूप की विस्तृत एवं गहन समीक्षा की।

इस अवसर पर आयोजित समीक्षा बैठक में जिले के समस्त राजपत्रित अधिकारी, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस, थाना एवं चौकी प्रभारी उपस्थित रहे। बैठक की अध्यक्षता करते हुए पुलिस महानिरीक्षक श्री सोमावार ने पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि पुलिस सेवा केवल एक शासकीय नौकरी नहीं, बल्कि समाज और संविधान के प्रति एक अत्यंत महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है, जिसे पूरी निष्ठा, ईमानदारी और उच्च पेशेवर मानकों के साथ निभाया जाना चाहिए।
जनता को केंद्र में रखकर पुलिसिंग के निर्देश
बैठक के दौरान आईजी श्री सोमावार ने कहा कि पुलिस की कार्यप्रणाली का केंद्र बिंदु जनता का विश्वास होना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी का व्यवहार आम नागरिकों के प्रति संवेदनशील, संयमित और सम्मानजनक होना चाहिए, ताकि कोई भी नागरिक बिना भय या संकोच के पुलिस से संपर्क कर सके।
उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास अर्जित करना और उसे बनाए रखना पुलिस की सबसे बड़ी पूंजी है। यदि जनता पुलिस पर भरोसा करेगी, तो अपराध नियंत्रण, सूचना संकलन और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस को स्वाभाविक सहयोग प्राप्त होगा।
अनुशासन और वर्दी पर विशेष जोर
पुलिस महानिरीक्षक ने पुलिस अनुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि वर्दी केवल पहचान नहीं, बल्कि जिम्मेदारी, अनुशासन और सेवा-भाव का प्रतीक है। उन्होंने निर्देश दिए कि ड्यूटी के दौरान वर्दी स्वच्छ, सुव्यवस्थित एवं नियमों के अनुरूप होनी चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अशालीन भाषा, असंयमित व्यवहार, अनुशासनहीनता या लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं होगी। ऐसे कृत्य न केवल पुलिस की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि विभाग की साख को भी प्रभावित करते हैं। इस प्रकार की किसी भी लापरवाही पर शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जाएगी।
बेसिक पुलिसिंग को मजबूत करने के निर्देश
आईजी श्री सोमावार ने बेसिक पुलिसिंग को सुदृढ़ बनाने पर विशेष बल देते हुए नियमित पैदल गश्त, वाहन पेट्रोलिंग, बीट प्रणाली की सक्रिय निगरानी, रात्रिकालीन गश्त और थाना स्तर पर शिकायतों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि थाना आम नागरिक के लिए न्याय का पहला केंद्र होता है। इसलिए थानों में कार्यरत अधिकारी एवं कर्मचारियों का दायित्व और अधिक बढ़ जाता है कि वे प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लें और निष्पक्ष एवं समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करें।
गंभीर अपराधों में गुणवत्तापूर्ण विवेचना पर जोर
समीक्षा बैठक में पुलिस महानिरीक्षक ने हत्या, महिला एवं बाल अपराध, साइबर अपराध, अवैध नशा तस्करी, संगठित अपराध जैसे गंभीर एवं संवेदनशील मामलों में त्वरित, निष्पक्ष और कानूनी दृष्टि से मजबूत विवेचना करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि विवेचना में की गई छोटी-सी तकनीकी चूक या लापरवाही अपराधियों को लाभ पहुंचा सकती है और पीड़ित को न्याय से वंचित कर सकती है। इसलिए प्रत्येक मामले में साक्ष्य संकलन, कानूनी प्रक्रिया और केस डायरी लेखन पर विशेष ध्यान दिया जाए।
उत्कृष्ट कार्य पर सम्मान, लापरवाही पर कठोर कार्रवाई
आईजी श्री सोमावार ने स्पष्ट किया कि जो अधिकारी एवं कर्मचारी ईमानदारी, अनुशासन और समर्पण के साथ उत्कृष्ट कार्य करेंगे, जनता के प्रति संवेदनशीलता दिखाएंगे, उन्हें निश्चित रूप से प्रशंसा पत्र, पुरस्कार और विभागीय सम्मान से नवाजा जाएगा।
वहीं दूसरी ओर, कर्तव्यों में लापरवाही, अनुशासनहीनता, उदासीनता या गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भ्रष्टाचार और अवैध गतिविधियों पर सख्त चेतावनी
पुलिस महानिरीक्षक ने बैठक में स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी भी स्तर पर अपराधियों से सांठगांठ, भ्रष्टाचार, अवैध गतिविधियों में संलिप्तता या कर्तव्य से विमुखता पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारी या कर्मचारी को किसी भी प्रकार का संरक्षण नहीं दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग में पारदर्शिता और ईमानदारी सर्वोपरि है, और इस पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
साइबर अपराध और नशा तस्करी पर विशेष फोकस
आईजी श्री सोमावार ने साइबर अपराधों की बढ़ती चुनौती को गंभीर बताते हुए आधुनिक तकनीक के उपयोग, डिजिटल साक्ष्यों के वैज्ञानिक संकलन और आम नागरिकों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने हेतु निरंतर अभियान चलाने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही उन्होंने नशा तस्करी एवं अवैध गतिविधियों के विरुद्ध निरंतर, सुनियोजित और परिणामोन्मुख कार्रवाई सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
बैठक में उपस्थित अधिकारी
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेन्द्र सिंह (आईपीएस), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री पुष्पेन्द्र बघेल, श्री अमित पटेल, जिले के समस्त अनुविभागीय अधिकारी पुलिस, राजपत्रित अधिकारी तथा थाना एवं चौकी प्रभारी उपस्थित रहे।
टीम भावना से कार्य करने का आह्वान
अंत में पुलिस महानिरीक्षक श्री बालाजी राव सोमावार ने कहा कि पुलिस सेवा अनुशासन, समर्पण और जनसेवा का कार्य है। सभी अधिकारी एवं कर्मचारी टीम भावना के साथ कार्य करते हुए कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत करें, अपराधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करें तथा जनता के बीच पुलिस की पेशेवर, संवेदनशील और विश्वसनीय छवि को और अधिक सुदृढ़ बनाएं।